शुक्रवार 6 मार्च 2026 - 18:50
इस मुल्क और निज़ाम के असली मालिक हज़रत इमाम ए ज़माना अ.स.हैं / एक और ख़ामेनेई आने वाले हैं

हौज़ा / क़ुम के इमाम-ए-जुमआ हज़रत आयतुल्लाह सैयद मोहम्मद सईदी ने कहा, शहीद रहबर-ए-इंक़लाब की दिली इच्छा शहादत थी जो लंबे, ईमानदार और साहसी संघर्ष के बाद पूरी हुई। दुश्मन ने रेड लाइन्स पार कर दी हैं इंशाअल्लाह हम किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेंगे।

हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , ईरान के शहर क़ुम मुक़द्दसा के इमाम जुमआ आयतुल्लाह सैयद सईद हुसैन सईदी ने 6 मार्च 2026 को क़ुम के मुसल्ला-ए-क़ुद्स में आयोजित जुमआ की नमाज़ के खुत्बों में संबोधन करते हुए कहा, रहबर-ए-मोअज़्ज़म इंक़लाब की शहादत के बाद हमें इस गम और दर्द को एक महान उत्साह में बदलना होगा और यह ईरानी अवाम की पुरानी परंपरा रही है।

उन्होंने कहा,रहबर-ए-इंक़लाब आज भी हमारे रहबर हैं। वह अपनी ज़िंदगी में भी हमारे रहबर थे और शहादत के बाद उनकी क़यादत व रहबरी की अज़मत और भी बढ़ गई है।

क़ुम के ख़तीब-ए-जुमआ ने इमाम खुमैनी (रह) की वसीयत का हवाला देते हुए कहा,एक सेवक (ख़ादिम) के चले जाने से क़ौम के इरादे में कोई बाधा नहीं आती।

उन्होंने आगे कहा,अवाम की मस्जिदों, मैदानों और विभिन्न समारोहों में मौजूदगी दुश्मन को मायूस करती है।

आयतुल्लाह सईदी ने कहा, शहीद रहबर के ख़ून का बदला लेने के लिए आयोजित किए गए अवामी जमावड़े दुश्मन की कमर तोड़ देंगे। सशस्त्र बलों ने भी ऐलान किया है कि वे स्थायी रक्षा शक्ति की स्थापना और हमलावर को पूरी सज़ा देने तक अपनी कार्रवाइयाँ जारी रखेंगे।

उन्होंने कहा,इस देश और व्यवस्था के असली मालिक हज़रत इमाम ज़माना (अज) हैं और रहबर-ए-मोअज़्ज़म की शहादत के बाद भी ईरानी क़ौम खुद को अकेला महसूस नहीं करती।

आयतुल्लाह सईदी ने कहा, जो भी व्यक्ति या समूह ज़ायोनी सरकार और अमेरिका को फिर से ताकत देने की कोशिश करेगा, वह उम्मत-ए-इस्लाम से ग़द्दारी करेगा और अवाम ऐसे तत्वों को अस्वीकार कर देंगी।

उन्होंने आगे कहा,दुश्मनों को भारी नुक़सान हुआ है, लेकिन उनके मीडिया सेंसरशिप के कारण उनके अवाम इन नुक़सानों से बेख़बर हैं। इस्लामी इंक़लाब के बाद अमेरिका, ज़ायोनी राज्य और पश्चिम के अनुचित हितों को ख़तरा पैदा हो गया है और इसीलिए वे ईरान के संसाधनों पर कब्ज़ा करने और ईरान को विभाजित करने की साज़िशें कर रहे हैं।

क़ुम के ख़तीब-ए-जुमआ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा,वह जान लें कि ईरान के तेल और संसाधनों तक पहुँचने का उसका दुर्भावनापूर्ण सपना कभी पूरा नहीं होगा।

उन्होंने कहा एक और ख़ामेनेई आने वाला है और मजलिस-ए-ख़ुबरगान के चुने हुए रहबर का पालन सब पर वाजिब होगा।आयतुल्लाह सईदी ने कहा,इस जंग में सफलता के बाद वैश्विक व्यवस्था बदल जाएगी और अमेरिका को दुनिया और क्षेत्र में पहले जैसा स्थान प्राप्त नहीं रहेगा।

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